National Apprenticeship Scheme: पढ़ाई के साथ कमाई का सुनहरा मौका

National Apprenticeship Scheme: देश में युवाओं की सबसे बड़ी चिंता आज भी यही है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी मिलेगी या नहीं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने National Apprenticeship Training Scheme को एक मजबूत विकल्प के रूप में आगे बढ़ाया है। यह योजना न सिर्फ युवाओं को पढ़ाई के दौरान इंडस्ट्री का अनुभव देती है, बल्कि उन्हें हर महीने स्टाइपेंड के रूप में कमाई का मौका भी देती है। यही वजह है कि आज के समय में National Apprenticeship Scheme छात्रों और स्किल-आधारित करियर चाहने वालों के लिए बेहद अहम बनती जा रही है। इस योजना का मकसद साफ है—थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल नॉलेज देना, ताकि युवा पढ़ाई खत्म होते ही रोजगार के लिए तैयार हों।

National Apprenticeship Scheme क्या है और क्यों जरूरी है?

National Apprenticeship Scheme भारत सरकार की एक प्रमुख स्किल-डेवलपमेंट योजना है, जिसके तहत छात्रों और युवाओं को कंपनियों, फैक्ट्रियों और सरकारी संस्थानों में ट्रेनिंग दी जाती है। यह ट्रेनिंग एक तय अवधि के लिए होती है, जिसमें युवा वास्तविक काम सीखते हैं और बदले में उन्हें हर महीने स्टाइपेंड दिया जाता है।
भारत में लंबे समय से यह समस्या रही है कि पढ़ाई और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच बड़ा गैप है। डिग्री तो मिल जाती है, लेकिन जॉब-रेडी स्किल्स नहीं होतीं। इसी गैप को भरने के लिए National Apprenticeship Scheme को लागू किया गया है, ताकि युवा किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि काम सीखते हुए कमाई भी कर सकें।

कौन कर सकता है National Apprenticeship Scheme में आवेदन?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए मौके मौजूद हैं। National Apprenticeship Scheme के तहत आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम योग्यता 10वीं, 12वीं, ITI, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन हो सकती है, जो ट्रेड और सेक्टर पर निर्भर करती है।
इस योजना में आवेदन करना अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। 2026 में सरकार ने एक ‘यूनिफाइड वेब पोर्टल’ लॉन्च किया है।

  • पात्रता: उम्र सीमा आमतौर पर 14 से 35 वर्ष के बीच होती है (कुछ क्षेत्रों के लिए 18 वर्ष)। आपके पास कम से कम 5वीं या 10वीं की मार्कशीट होनी चाहिए।
  • जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक (आधार लिंक्ड), शैक्षणिक प्रमाण पत्र और एक सक्रिय मोबाइल नंबर।

 

National Apprenticeship Scheme में कितनी मिलती है कमाई?

National Apprenticeship Scheme की सबसे आकर्षक बात यही है कि इसमें युवाओं को हर महीने स्टाइपेंड मिलता है। स्टाइपेंड की राशि ट्रेड, योग्यता और ट्रेनिंग लेवल पर निर्भर करती है। आमतौर पर यह राशि कुछ हजार रुपये से शुरू होकर अच्छे खासे लेवल तक जा सकती है।
सरकार और कंपनी दोनों मिलकर स्टाइपेंड का खर्च उठाती हैं, जिससे कंपनियों पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता और युवाओं को भी नियमित आय मिलती है। कई मामलों में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसी कंपनी में जॉब ऑफर मिलने की संभावना भी रहती है। इस तरह यह योजना पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य की नौकरी का रास्ता भी खोल देती है।
National Apprenticeship Scheme 2026 मे सरकार ने अप्रेंटिसशिप की योग्यता के आधार पर न्यूनतम मानदेय तय किया है। नए स्लैब के अनुसार:

  • 10वीं/12वीं पास: ₹7,000 से ₹8,000 प्रति माह।
  • ITI/डिप्लोमा धारक: ₹8,000 से ₹10,000 प्रति माह।
  • ग्रेजुएट/इंजीनियर: ₹12,000 से ₹15,000 प्रति माह (कई बड़ी कंपनियां अपनी ओर से इसे ₹25,000 तक भी ले जाती हैं)।

National Apprenticeship Scheme से करियर को क्या फायदा?

आज के जॉब मार्केट में सिर्फ डिग्री से काम नहीं चलता। कंपनियां चाहती हैं कि उम्मीदवार के पास पहले से काम का अनुभव हो। National Apprenticeship Scheme इस मामले में युवाओं को बड़ा फायदा देती है। अप्रेंटिसशिप के दौरान मिला अनुभव रिज्यूमे को मजबूत बनाता है और इंटरव्यू में उम्मीदवार को दूसरों से अलग खड़ा करता है।
इसके अलावा, अप्रेंटिसशिप के दौरान इंडस्ट्री कल्चर, टीमवर्क, टाइम मैनेजमेंट और प्रोफेशनल बिहेवियर जैसी जरूरी चीजें सीखने को मिलती हैं। यही स्किल्स आगे चलकर करियर ग्रोथ में काम आती हैं। कई युवाओं की इस योजना की वजह से अपने करियर की मजबूत शुरुआत होती हैं।

National Apprenticeship Scheme में आवेदन कैसे करें?

National Apprenticeship Scheme में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। उम्मीदवार को सबसे पहले आधिकारिक अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद अपनी योग्यता, ट्रेड और रुचि के अनुसार उपलब्ध अप्रेंटिसशिप अवसरों को चुना जा सकता है।
एक बार चयन होने के बाद उम्मीदवार को संबंधित कंपनी या संस्थान में ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है। ट्रेनिंग अवधि पूरी होने पर अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, जो आगे नौकरी के लिए काफी उपयोगी साबित होता है।

क्या अप्रेंटिसशिप के बाद नौकरी पक्की होती है?

यह सवाल लगभग हर उम्मीदवार के मन में होता है। National Apprenticeship Scheme के तहत नौकरी की गारंटी तो नहीं होती, लेकिन संभावना जरूर बढ़ जाती है। कई कंपनियां अच्छे प्रदर्शन करने वाले अप्रेंटिस को स्थायी कर्मचारी के रूप में रख लेती हैं।
भले ही उसी कंपनी में नौकरी न मिले, लेकिन अप्रेंटिसशिप का अनुभव दूसरी कंपनियों में जॉब पाने में काफी मदद करता है। यही वजह है कि आज अप्रेंटिसशिप को “वर्क एक्सपीरियंस का सबसे सुरक्षित रास्ता” माना जा रहा है।

National Apprenticeship Scheme युवाओं के लिए क्यों है बेहतरीन अवसर

आज जब बेरोजगारी और स्किल गैप बड़ी समस्या बने हुए हैं, ऐसे समय में National Apprenticeship Scheme युवाओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। यह योजना पढ़ाई, ट्रेनिंग और कमाई—तीनों को एक साथ जोड़ती है।
जो युवा पढ़ाई के बाद सीधे नौकरी नहीं पा पा रहे हैं, उनके लिए यह योजना करियर को नई दिशा दे सकती है। वहीं जो छात्र पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपीरियंस चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर है।
National Apprenticeship Scheme सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत पहल है। पढ़ाई के साथ कमाई, असली काम का अनुभव और बेहतर रोजगार की संभावना—ये तीनों फायदे इस योजना को खास बनाते हैं। अगर आप भी अपने करियर की मजबूत शुरुआत चाहते हैं, तो National Apprenticeship Training Scheme आपके लिए सही कदम हो सकता है।

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